युवा सेवाएं एवं खेल (YSS) विभाग की आयुक्त/सचिव यशा मुदगल ने आज एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभाग के संशोधित अनुमान (RE) 2025–26 और बजट अनुमान (BE) 2026–27 के राजस्व (Revex) और पूंजीगत (Capex) घटकों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में महानिदेशक YSS, निदेशक NCC, निदेशक वित्त (YSS) तथा जम्मू-कश्मीर खेल परिषद के सचिव उपस्थित थे।
बैठक के दौरान निदेशक वित्त ने सभी विभागाध्यक्षों की बजट आवश्यकताओं का समेकित विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें प्रदर्शन संकेतक, भौतिक उपलब्धियां तथा आगामी वित्तीय वर्ष की प्रक्षेपित आवश्यकताएं शामिल थीं।
‘राजकोषीय अनुशासन बनाए रखें, बढ़े-चढ़े अनुमान न दें’: यशा मुदगल
यशा मुदगल ने कड़े वित्तीय अनुशासन, वास्तविक आवश्यकता मूल्यांकन और विभागीय प्रस्तावों को सरकारी प्राथमिकताओं एवं जन-कल्याणकारी पहलों के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनावश्यक रूप से बढ़े हुए प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे, और हर वित्तीय मांग का समर्थन सत्यापित आंकड़ों और मजबूत औचित्य के साथ होना चाहिए।
राजस्व बढ़ोतरी और PPP मॉडल पर विशेष चर्चा
बैठक में विभागीय राजस्व बढ़ाने के लिए व्यापक चर्चा हुई, जिसमें शामिल थे:
- विभागीय परिसरों का अधिकतम उपयोग,
- डिजिटल एकीकरण में सुधार,
- पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाना,
- पर्यटन एवं कार्यक्रम-आधारित सहयोग,
- CSR भागीदारी बढ़ाना,
- विभागीय परिसंपत्तियों पर उपयोगकर्ता शुल्क का युक्तिकरण।
विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि विभिन्न दफ्तरों में पड़ी अप्रयोज्य सामग्रियों की समयबद्ध नीलामी सुनिश्चित की जाए, ताकि पारदर्शिता बढ़े, स्थान का बेहतर उपयोग हो और राजस्व में वृद्धि हो।
CSR के माध्यम से सहायता जुटाने पर भी जोर
आयुक्त सचिव ने कहा कि विभागीय कार्यक्रमों और युवा-केंद्रित पहलों को मजबूती देने के लिए CSR फंडिंग आकर्षित करने के प्रयासों को तेज किया जाए।
उन्होंने युवा छात्रावासों और संबंधित परिसंपत्तियों के पर्यटन संभावनाओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया तथा बेहतर दृश्यता, सेवा मानकों और पर्यटन हितधारकों के साथ साझेदारी की वकालत की।
जिला एवं सेक्टोरल अधिकारियों को निर्देश
सभी जिला एवं सेक्टोरल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे M&S, M&E, M&R तथा आउटसोर्सिंग मदों के अंतर्गत उचित एवं तर्कसंगत प्रस्ताव समय पर प्रस्तुत करें, ताकि बजट का कुशल उपयोग और संचालनात्मक तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें।
बैठक में विभाग की व्यय क्षमता बढ़ाने पर भी बल दिया गया, ताकि आवंटित बजट का समय पर और प्रभावी उपयोग हो सके।
साथ ही, वित्त विभाग के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने और लंबित ट्रेजरी बिलों को समय पर निपटाने के निर्देश दिए, जिससे वित्तीय कार्य सुचारू रूप से चल सकें और चल रही गतिविधियाँ बाधित न हों।


