
रियासी में जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी लंबित मांगों और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफजोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने जम्मू–कश्मीर सरकार, प्रशासन और जल शक्ति विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुएविभागीय मुख्यालय से जिला मुख्यालय तक रोष रैली निकाली।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार औरविभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। कर्मचारियों ने कहा कि जिला रियासी में जल शक्ति विभाग में अरबों रुपये के घोटाले हुए हैं और उनके पास पुख्ता सबूत होने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री अमर अब्दुल्ला, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और जिला प्रशासन के खिलाफ भीजमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को जिला मुख्यालय के मुख्य गेट के बाहर रोका गया बाद में उन्हें अंदर जाने कीअनुमति दी गई। जिला विकास आयुक्त कार्यालय में मौजूद न होने के कारण प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात जिला उपायुक्त राकेश कुमार से हुई।
मुलाकात के बाद कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि जिन 190 कर्मचारियों को कथित रूप सेअंडर–एज किया गया उनकी जिम्मेदारी तय की जाए यह जांच हो कि किसने यह प्रक्रिया अपनाई और कितनी धनराशि कालेन–देन हुआ। साथ ही जल शक्ति विभाग में हुए सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ीकार्रवाई करते हुए उन्हें सलाखों के पीछे डाला जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो अस्थायी कर्मचारी हड़ताल पर जाने कोमजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल की स्थिति में आम जनता का नहीं बल्कि सीधे तौर पर डीसी रियासी का पानी बंद कियाजाएगा।


