केंद्र सरकार PRASAD योजना (Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual Augmentation Drive) का पुनर्रचना कर रही है, ताकि देशभर में तीर्थ पर्यटन को नए सिरे से बढ़ावा दिया जा सके। यह जानकारी संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में दी।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक अनुपूरक प्रश्न का जवाब देते हुए शेखावत ने बताया कि पिछले दस वर्षों में इस योजना के तहत 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना एक वित्तीय चक्र के अनुरूप बनाई गई थी, और अब जब यह चक्र समाप्ति की ओर है, मंत्रालय इसे नए रूप में विकसित कर रहा है।
PRASAD योजना का उद्देश्य देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों का विकास, पुनरुद्धार, और आधुनिकीकरण करना है।
राज्य सरकारों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर, योजना का मुख्य फोकस है तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के लिए पर्यटन अवसंरचना का विकास, सुविधाओं में सुधार, और यात्रा अनुभव को समृद्ध बनाना। पुनर्रचना के बाद, सरकार का लक्ष्य इन स्थलों को पर्यटन के व्यापक ढांचे से जोड़कर और अधिक आकर्षक बनाना है।


