मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि जम्मू और कश्मीर के युवा हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं और यदि उन्हें सही अवसर व मार्गदर्शन मिले तो वे इतिहास रच सकते हैं।
वह जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित ‘सिख क्रिकेट प्रीमियर लीग (SCPL)’ के दूसरे संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश में खेल क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है।
उन्होंने कहा, “नई पीढ़ी संभावनाओं से भरी है। मुझे विश्वास है कि हमारे युवा हर चुनौती का समाधान हैं। उन्हें उचित अवसर, सशक्त मंच और सही मार्गदर्शन दें, वे इतिहास रच देंगे।”
उपराज्यपाल ने कहा कि सिख क्रिकेट प्रीमियर लीग युवाओं के बहुआयामी व्यक्तित्व का निर्माण कर रही है और भविष्य में यह अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे गुणों को मजबूत करेगी।
उन्होंने ऑल जे एंड के सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी और हरी सिंह नलवा क्रिकेट क्लब, जम्मू की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी के भाईचारे और सामाजिक समरसता के वाहक बनने का प्रतीक है। समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक टीम में अन्य समुदायों के युवाओं को भी शामिल किया गया है।
खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उन्होंने मैदान के भीतर और बाहर अनुशासन व एकजुटता के साथ प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की असली ताकत केवल इमारतों में नहीं, बल्कि नए विचारों और युवाओं की ऊर्जा में निहित है।
“हमारे युवाओं की ऊर्जा एक नदी की तरह है। यदि उसे सही दिशा दी जाए तो वह जीवन और प्रगति का स्रोत बन जाती है। राष्ट्र निर्माण की यात्रा में हमारे युवा न रुकेंगे, न झुकेंगे और न थकेंगे,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि सिख क्रिकेट प्रीमियर लीग जैसे महत्वपूर्ण खेल आयोजन युवाओं को खेल को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों के निर्माण का माध्यम मानने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जब युवा उद्देश्यपूर्ण मिशन से जुड़ते हैं तो वे समझते हैं कि बड़े बदलाव के लिए बड़ी सोच आवश्यक है।
उपराज्यपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम (PMDP) के तहत मिली वित्तीय सहायता से खेलों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालिया जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान खेल विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की सहायता का आश्वासन दिया है, जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), फीफा और अन्य खेल संगठनों का सहयोग शामिल है।


