भारत और रूस ने शुक्रवार को आतंकवाद के खिलाफ “बिना किसी समझौते, छुपे एजेंडे और दोहरे मानकों” के वैश्विक अभियान की जोरदार मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने आतंकवाद को “मानवता पर सीधा हमला” बताया।
दोनों नेताओं ने पहलगाम तथा मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल पर हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की और ISIS, ISKP व अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर जोर दिया।
मोदी ने कहा, “पहलगाम में हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर कायराना हमला — इन सभी की जड़ एक ही है। आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर हमला है।”
संयुक्त बयान में UN-सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई, आतंक वित्तपोषण पर रोक, सीमा-पार आतंकवाद समाप्त करने और ऑनलाइन कट्टरपंथ रोकने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने पर बल दिया गया।
अफ़ग़ानिस्तान पर समन्वय
दोनों देशों ने अफ़ग़ानिस्तान में ISIS और ISKP के खिलाफ कार्रवाई का स्वागत किया और अफ़ग़ान जनता को तत्काल मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोहराई।
2030 तक आर्थिक साझेदारी को गति
अमेरिकी प्रतिबंधों और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत और रूस ने 2030 तक की आर्थिक साझेदारी योजना को अंतिम रूप दिया। इसमें व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, ऊर्जा और लोगों के आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस मित्रता “ध्रुव तारे” की तरह स्थिर है।
दोनों पक्षों ने इस पर जोर दिया:
- भारत–EAEU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) जल्दी पूरा होना चाहिए
- निवेश संरक्षण समझौते पर बातचीत तेज की जाए
- भारत के बढ़ते व्यापार घाटे को संतुलित किया जाए
यूक्रेन संघर्ष
मोदी ने कहा, “भारत ने हमेशा शांति और संवाद का समर्थन किया है। हम किसी भी शांतिपूर्ण समाधान के प्रयास का स्वागत करते हैं।”
कूटनीतिक उपहारों में भारतीय पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को कई सांस्कृतिक और कलात्मक उपहार भेंट किए, जिनमें शामिल थे:
- असम की प्रसिद्ध काली चाय
- कश्मीरी केसर
- मुर्शिदाबाद का चांदी का चाय सेट
- महाराष्ट्र की हस्तनिर्मित चांदी की घोड़े की प्रतिमा
- आगरा का संगमरमर शतरंज सेट
- भागवत गीता का रूसी संस्करण
ये उपहार दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक हैं।


