भारतीय क्रिकेट टीम के दो दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा ने संकेत दिए हैं कि वे 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलना चाहते हैं। हालांकि, टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मंगलवार को उनके भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की और कहा कि “अभी वर्तमान पर ध्यान देना ज़रूरी है।”
हाल ही में शुभमन गिल को वनडे टीम का कप्तान बनाए जाने से चयनकर्ताओं ने साफ संकेत दिया है कि भारतीय क्रिकेट टीम में परिवर्तन (ट्रांजिशन) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 2027 तक कोहली की उम्र 39 और रोहित की 40 वर्ष होगी, ऐसे में उनके भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
“50 ओवर का वर्ल्ड कप अभी ढाई साल दूर है। फिलहाल वर्तमान पर ध्यान देना ज़रूरी है। दोनों बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उनका अनुभव ऑस्ट्रेलिया दौरे में अहम रहेगा। उम्मीद है कि दोनों का दौरा सफल रहेगा और टीम के तौर पर भी हम अच्छा प्रदर्शन करें,” गंभीर ने कहा।
सूत्रों के अनुसार, कोहली और रोहित के भविष्य पर फैसला उनके आने वाले नौ वनडे मैचों (ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन-तीन मैच) के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
गंभीर ने बताया कि टीम में नए खिलाड़ियों को मौका देते समय वह किन बातों पर ध्यान देते हैं।
“सबसे पहले आप खिलाड़ी की प्रतिभा देखते हैं। फिर उसकी मेहनत, उसके स्वभाव और लाल गेंद क्रिकेट में उसकी मानसिकता देखते हैं। सबसे अहम यह है कि खिलाड़ी कितना भूखा है सफलता के लिए। अगर ये गुण हैं, तो वो ज़रूर सफल टेस्ट खिलाड़ी बनेगा।”
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट एक “असुरक्षित माहौल” है क्योंकि केवल 15 खिलाड़ी ही देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं जबकि सैकड़ों प्रतिभाएं मौका पाने की प्रतीक्षा में रहती हैं।
“खिलाड़ियों को लंबा मौका देना बहुत ज़रूरी है। बार-बार बदलाव करने के बजाय सही खिलाड़ियों को चुनकर उन्हें समय देना चाहिए,” गंभीर ने कहा।
गंभीर ने यह भी कहा कि उन्हें “खिलाड़ियों को ड्रॉप करना” शब्द पसंद नहीं है।
“आप खिलाड़ियों को ड्रॉप नहीं करते, आप सिर्फ खिलाड़ियों का चयन करते हैं। जब कोई खिलाड़ी टीम से बाहर होता है, तो कोच का कर्तव्य है कि वह संवेदनशील रहे, निर्दयी नहीं।”
उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा —
“टेस्ट टीम ने इंग्लैंड दौरे पर अनुशासन और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया। मेरे लिए वह बहुत बड़ी बात थी।”


