काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स (CIF) डेल्टा के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल एपीएस बल ने सोमवार को कहा कि ऑपरेशन ट्राशी-I भारतीय सेना और सभी सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान धैर्य, स्पष्ट सोच, सटीक योजना, दूरदृष्टि और आतंकवाद के खिलाफ निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर तैनात जवानों से लेकर सह-कमांडरों, एडीजी, आईजी, डीजीपी और आर्मी कमांडर तक सभी स्तरों पर बेहतरीन तालमेल देखने को मिला और हर किसी ने इस अभियान की सफलता में निर्णायक योगदान दिया।
मेजर जनरल बल ने बताया कि आतंकियों को एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध था। उन्होंने कहा कि जिन ठिकानों पर ढांचा तैयार किया गया और बाजार से जो सामान वहां पहुंचाया गया, वह बिना स्थानीय समर्थन के संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस संबंध में पूरी जानकारी है और बिना किसी का नाम लिए कहा कि संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन शांत, संयमित, सामूहिक और समन्वित तरीके से चलाया गया, जिसके कारण बिना किसी जवान को नुकसान पहुंचे सफलता हासिल हुई। हालांकि, अभियान की शुरुआत करने वाले बहादुर डॉग ‘टायसन’ को इस दौरान बलिदान देना पड़ा।
मेजर जनरल बल ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि फरवरी माह में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के छह आतंकियों को मार गिराया, जिनमें एक उधमपुर और एक किश्तवाड़ क्षेत्र में ढेर किया गया।
उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में आने वाले हर आतंकी को निष्क्रिय किया जाता रहेगा और सुरक्षाबल आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।

