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Monday, March 2, 2026

भारत एआई इम्पैक्ट समिट में पीएम मोदी ने एआई के लोकतंत्रीकरण पर दिया जोर, कहा—ग्लोबल साउथ के सशक्तिकरण का बने माध्यम

 प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का लोकतंत्रीकरण होना चाहिए और इसे विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बनना चाहिए।

नई दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास में एक परिवर्तनकारी अध्याय है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कुछ ऐसे मोड़ आए हैं जिन्होंने सदियों की दिशा तय की है और विकास की गति को बदल दिया है—एआई भी ऐसा ही एक परिवर्तन है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत एआई क्रांति का केवल हिस्सा ही नहीं है, बल्कि उसका नेतृत्व कर रहा है और उसे दिशा भी दे रहा है।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत दुनिया की छठी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है और विशाल टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल का केंद्र है।

उन्होंने कहा कि भारत केवल तकनीक का निर्माण ही नहीं करता, बल्कि उसे अभूतपूर्व गति से अपनाता भी है। नई तकनीकों को लेकर कुछ लोगों की शंकाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी जिस उत्साह के साथ एआई को अपना रही है, वह अभूतपूर्व है। समिट की प्रदर्शनी को लेकर भी उन्होंने भारी उत्साह की बात कही।

समिट में कई वैश्विक नेता भी उपस्थित रहे, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, ब्राज़ील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva, श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake, भूटान के प्रधानमंत्री Tshering Tobgay, मॉरीशस के प्रधानमंत्री Navinchandra Ramgoolam, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री Andrej Plenković, सर्बिया के राष्ट्रपति Aleksandar Vučić, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति Sébastien Pillay, एस्टोनिया के राष्ट्रपति Alar Karis और फिनलैंड के प्रधानमंत्री Petteri Orpo शामिल थे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि एआई आने वाले दशकों में वैश्विक विकास की दिशा और गति तय करने वाली प्रमुख शक्ति साबित होगा।

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