जम्मू: Jammu and Kashmir Government ने गुरुवार को सदन को सूचित किया कि पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जबकि इसके लिए प्रावधान Jammu and Kashmir Local Bodies Laws (Amendment) Act, 2024 के तहत किया गया है, जिसे हाल ही में संसद ने पारित किया है।
विधायक Sunil Kumar Sharma के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि 2024 के संशोधन अधिनियम में ग्रामीण और शहरी दोनों स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने आगे बताया कि ओबीसी आरक्षण की सीमा तय करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश Janak Raj Kotwal की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है।
सरकार ने कहा, “आयोग की सिफारिशें फिलहाल सरकार के विचाराधीन हैं और इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।”

