Site icon AR24 Digital

जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास, पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचा

Jammu and Kashmir's Vanshaj Sharma with teammates celebrates after the team's victory in the Ranji Trophy semifinal cricket match against Bengal, at the Bengal Cricket Academy Ground, in Kalyani

18 फरवरी: जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने 67 वर्षों के इतिहास में पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। सेमीफाइनल में टीम ने दो बार के पूर्व चैंपियन बंगाल क्रिकेट टीम को चौथे दिन छह विकेट से पराजित किया।

मेजबान बंगाल द्वारा दिए गए 126 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए जम्मू-कश्मीर ने 34.4 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। वंशज शर्मा ने नाबाद 43 रन और अब्दुल समद ने नाबाद 30 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।

इससे पहले तेज गेंदबाज औकिब नबी ने मैच में कुल नौ विकेट लेकर बंगाल की उम्मीदों को करारा झटका दिया और जीत की नींव रखी।

जम्मू-कश्मीर ने 1959-60 सत्र में पहली बार रणजी ट्रॉफी में भाग लिया था, लेकिन अब तक उसे खिताब के दावेदार के रूप में नहीं देखा जाता था। 2013-14 सत्र में टीम ने एक दशक से अधिक समय बाद पहली बार नॉकआउट चरण में जगह बनाई थी।

तीसरे दिन मंगलवार को स्टंप्स तक जम्मू-कश्मीर का स्कोर 43/2 था। चौथे दिन टीम ने रात के नाबाद बल्लेबाज शुभम पुंडीर (27) और कप्तान पारस डोगरा (9) के विकेट जल्दी गंवा दिए। इसके बाद वंशज शर्मा और अब्दुल समद ने पांचवें विकेट के लिए 55 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

संक्षिप्त स्कोर:

बंगाल: 328 और 99 (25.1 ओवर)

जम्मू-कश्मीर: 302 और 126/4 (34.4 ओवर) – वंशज शर्मा 43* , अब्दुल समद 30*

Exit mobile version