केंद्र सरकार का विधि एवं न्याय मंत्रालय मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में एक क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। यह पहल तकनीक-सक्षम कानूनी सेवाओं के माध्यम से न्याय तक पहुंच को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।
मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रमुख हितधारकों के बीच सार्थक विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है, ताकि कानूनी साक्षरता और न्यायिक सेवाओं की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह कार्यक्रम न्याय विभाग की केंद्रीय योजना ‘डिशा’ (Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice) के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य देशभर में समग्र न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के एक विशेष सत्र “डिशा योजना के आयाम: सुगम एवं सुलभ न्याय तक पहुंच” में योजना के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इस सत्र के माध्यम से सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों, डिजिटल अभियानों तथा शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक समाज संगठनों के साथ साझेदारी के जरिए कानूनी जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को रेखांकित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त “डिशा इन जे&के: एक झलक” शीर्षक सत्र में जम्मू-कश्मीर में योजना की उपस्थिति और कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस दौरान केंद्र शासित प्रदेश में कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देने और न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला जाएगा।
यह कार्यशाला हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करने, विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और नागरिकों के लिए न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।

