जम्मू-कश्मीर सरकार में सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों ने गुरुवार को अपने बच्चों सहित विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति (EJAC) के बैनर तले आयोजित किया गया।
प्रदर्शनकारी शेर-ए-कश्मीर म्यूनिसिपल पार्क में एकत्र हुए, जहां उन्होंने धरना दिया और “हमें न्याय दो” तथा “साड्डा हक इथे रख” (हमारे अधिकार दो) जैसे नारे लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए EJAC नेताओं ने कहा कि यदि उमर अब्दुल्ला सरकार कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा नहीं करती, तो उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है।
नेताओं ने कहा कि कैजुअल लेबर और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी उन विभागों की रीढ़ हैं जो आम जनता को बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सेवाएं नियमित नहीं की जा रहीं।
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 60,000 से अधिक कर्मचारी कई वर्षों से दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत हैं और अब वे स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।

