सभी दलों के सदस्यों द्वारा ऑनलाइन बदनाम करने के अभियानों को लेकर उठाई गई चिंताओं पर संज्ञान लेते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि चल रहे बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर अलग से आधे घंटे की विशेष चर्चा कराई जाएगी।
सदन में यह मामला उस समय उठा जब कई विधायकों ने आरोप लगाया कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैंडल जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री और भ्रामक वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, जिससे उनकी छवि और सदन की गरिमा को नुकसान पहुंच रहा है।
इससे पहले सरकार ने सदन को बताया कि फर्जी और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने और उनका जवाब देने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) में एक विशेष मीडिया मॉनिटरिंग सेल स्थापित की गई है। विधायक आर.एस. पथानिया के प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच फेक न्यूज और भ्रामक खबरों से संबंधित 28 खंडन जारी किए गए, जिनमें 20 प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से और 8 विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी हुए।
उन्होंने कहा कि यह सेल वेबसाइटों, समाचार चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी करती है और भ्रामक सामग्री मिलने पर तुरंत खंडन जारी करती है। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि वेबसाइटों, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन न्यूज चैनलों या निजी फैक्ट चेकिंग यूनिट्स को नियंत्रित या निलंबित करना सूचना विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। फेक न्यूज फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने का अधिकार भी विभाग के पास नहीं है।
साइबर सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की डिजिटल संरचना को मजबूत करने के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। सभी विभागों में फेक न्यूज पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों के साथ-साथ भाजपा नेताओं श्याम लाल शर्मा और बलवंत सिंह मनकोटिया ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की मांग का समर्थन करते हुए इसे गंभीर विषय बताया। सदस्यों ने कहा कि कुछ तत्व लगातार विधायकों और सदन की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
कई सदस्यों द्वारा फर्जी अकाउंट चलाने और मानहानिकारक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर स्पीकर ने निर्देश दिया कि इस विषय को अलग से सूचीबद्ध कर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।
सकीना इटू ने कहा, “सदस्यों द्वारा उठाई गई चिंता पूरे सदन की चिंता है। हर दिन किसी न किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है।” उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और नेताओं से आत्ममंथन करने को भी कहा।
वरिष्ठ भाजपा विधायक श्याम लाल शर्मा ने कहा कि सदन के सभी 90 सदस्य किसी न किसी रूप में अपमानजनक और असंसदीय भाषा का निशाना बने हैं और विधायकों को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने दिया जाना चाहिए।
भाजपा विधायकों ने एक पूर्व विधायक के विधानसभा परिसर में प्रवेश दिए जाने का मुद्दा भी उठाया, जबकि वह वर्तमान सदस्य नहीं हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि उन्होंने मामले का संज्ञान ले लिया है और विरोध कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने को कहा।
इससे पहले, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सतीश शर्मा ने नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा और भाजपा विधायक श्याम लाल शर्मा के खिलाफ अपनी पूर्व टिप्पणी पर सदन में माफी भी मांगी।

