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जम्मू-कश्मीर सरकार का श्रम कल्याण सुधार विज़न दस्तावेज़ तैयार, न्यूनतम मजदूरी में VDA जोड़ने की योजना

जम्मू-कश्मीर सरकार ने श्रम कल्याण और प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक सुधार के उद्देश्य से एक विस्तृत विज़न दस्तावेज़ तैयार किया है। इसमें महंगाई से श्रमिकों की आय की सुरक्षा के लिए न्यूनतम मजदूरी में वैरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) को शामिल करने का प्रस्ताव प्रमुख रूप से रखा गया है।

यह जानकारी श्रम एवं रोजगार विभाग ने विधान सभा में विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी के प्रश्न के उत्तर में दी।

सरकार के अनुसार यह विज़न दस्तावेज़ अप्रैल 2024 में गठित एक समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है, जिसने श्रम कल्याण से जुड़े मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की थी। दस्तावेज़ में श्रमिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार के लिए एक रणनीतिक ढांचा प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य प्रस्तावों में श्रम कानूनों के सख्त प्रवर्तन, सेंट्रल ऑटोमेटेड इंस्पेक्शन प्रणाली के माध्यम से निरीक्षण व्यवस्था का आधुनिकीकरण, और श्रम विवादों के त्वरित निपटान के लिए सुलह एवं अर्ध-न्यायिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना शामिल है।

दस्तावेज़ में न्यूनतम मजदूरी की वैज्ञानिक और नियमित समीक्षा, श्रमिक अधिकारों के प्रति जागरूकता अभियान, विभागीय कर्मचारियों का क्षमता निर्माण, बाल एवं बंधुआ मजदूरी का उन्मूलन, तथा उभरते रोजगार क्षेत्रों के अनुरूप कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।

इस विज़न दस्तावेज़ का एक महत्वपूर्ण बिंदु न्यूनतम मजदूरी में VDA को शामिल करना है, ताकि महंगाई के प्रभाव को संतुलित कर श्रमिकों की वास्तविक आय सुरक्षित रखी जा सके। सरकार ने बताया कि दस्तावेज़ अभी परीक्षणाधीन है और इसे नए केंद्रीय श्रम संहिताओं के अनुरूप अपडेट किया जाएगा। VDA को चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

पंजीकृत मृत श्रमिकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता वितरण में देरी के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि वह परिवारों की कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील है और समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। देरी का मुख्य कारण वैधानिक प्रक्रियाएँ हैं, जिनमें पंजीकरण के लिए कम से कम 90 दिन का कार्य और नवीनीकरण के लिए प्रमाणपत्र आवश्यक है।

सरकार ने कहा कि लाभार्थियों की सत्यता और सार्वजनिक धन की सुरक्षा के लिए कड़ी जांच आवश्यक है।

21 नवंबर 2025 से लागू चार नई केंद्रीय श्रम संहिताओं के तहत 29 पुराने श्रम कानून समाप्त कर दिए गए हैं। नए ढांचे के अंतर्गत राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड, राज्य असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा बोर्ड और भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड गठित किए जाने हैं। संक्रमण काल में भुगतान जारी रखने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

संक्रमण के बावजूद जम्मू-कश्मीर भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड श्रमिक पंजीकरण, लेबर कार्ड जारी करने और नवीनीकरण जैसे मुख्य कार्य जारी रखे हुए है। जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में बड़े कल्याण व्यय को मंजूरी दी गई, जिसके तहत वित्त वर्ष 2025–26 में दिसंबर तक 6,764 लाख रुपये से अधिक की सहायता शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मदों में दी गई।

वेतन अनुपालन के मुद्दे पर विभाग ने कहा कि नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाए जाते हैं ताकि निर्धारित मजदूरी दरों का पालन सुनिश्चित हो। अक्टूबर 2022 में संशोधित न्यूनतम मजदूरी दरें अभी लागू हैं और हर पाँच वर्ष से अधिक अंतराल न रखते हुए उनकी समीक्षा की जाती है।

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