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Monday, March 2, 2026

HAL ने कहा — तेजस Mk-1A के पांच लड़ाकू विमान डिलीवरी के लिए तैयार, इंजन सप्लाई में देरी से शेड्यूल प्रभावित

सरकारी विमानन कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने गुरुवार को कहा कि तेजस Mk-1A के पांच हल्के लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस से इंजन की आपूर्ति में देरी के कारण कुल डिलीवरी शेड्यूल प्रभावित हुआ है।

HAL के एक प्रवक्ता ने बताया कि ये पांचों विमान अनुबंधित तकनीकी क्षमताओं और तय विनिर्देशों के अनुरूप पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने सभी प्रमुख आवश्यकताओं को शामिल करते हुए इन विमानों को डिलीवरी के लिए तैयार कर लिया है।

कंपनी के अनुसार, इसके अलावा नौ अन्य तेजस Mk-1A विमान भी बनाए जा चुके हैं और उड़ान परीक्षण कर चुके हैं। GE से इंजन मिलते ही इन्हें भी डिलीवरी के लिए तैयार कर दिया जाएगा। HAL ने कहा कि डिजाइन और विकास से जुड़ी पहचानी गई सभी समस्याओं को तेजी से दूर किया जा रहा है।

तेजस Mk-1A विमानों की आपूर्ति में देरी का मुख्य कारण GE एयरोस्पेस द्वारा इंजनों की सप्लाई में कई समय-सीमाएं चूकना रहा है। HAL ने बताया कि अब तक GE से पांच इंजन प्राप्त हो चुके हैं और आगे की सप्लाई को लेकर स्थिति सकारात्मक है, जो कंपनी की डिलीवरी योजना के अनुरूप है।

कंपनी ने कहा कि वह भारतीय वायुसेना के साथ लगातार संपर्क में है ताकि विमानों की डिलीवरी जल्द से जल्द की जा सके। HAL ने यह भी भरोसा जताया कि वह चालू वित्त वर्ष के लिए तय उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करेगी।

तेजस एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जिसे उच्च खतरे वाले युद्धक वातावरण में संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। यह वायु रक्षा, समुद्री निगरानी और स्ट्राइक मिशन जैसे कई अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है।

गौरतलब है कि फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने IAF के लिए 83 तेजस Mk-1A विमानों की खरीद हेतु HAL के साथ 48,000 करोड़ रुपये का समझौता किया था। वायुसेना की लड़ाकू स्क्वाड्रन संख्या घटकर लगभग 30 रह गई है, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्क्वाड्रन है, ऐसे में तेजस की आपूर्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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