कांग्रेस पार्टी ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पूर्व प्रधानमंत्री”,”नरेंद्र मोदी”,”prime minister of india”] के राष्ट्र के नाम संदेश को पाखंड से भरा हुआ बताया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता “जयराम रमेश”,”indian national congress leader”]ने कहा कि प्रत्येक बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री द्वारा दिया जाने वाला संदेश केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद के भीतर विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचती है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अनेक महत्वपूर्ण विधेयक अंतिम समय में संसद में लाए जाते हैं और बिना पर्याप्त विमर्श के पारित करा दिए जाते हैं, जिससे लोकतांत्रिक परंपराओं को क्षति पहुँचती है। उनके अनुसार सरकार संवाद के स्थान पर एकतरफा निर्णय लेने की नीति पर चल रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि देश आर्थिक प्रगति की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है और भारत वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करना है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह संसद में जनता से जुड़े मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाती रहेगी।

