Site icon AR24 Digital

मनोज सिन्हा ने नौगाम विस्फोट के शहीदों के परिजनों से मुलाकात

मनोज सिन्हा नौगाम विस्फोट शहीदों के परिजनों से मिलते हुए

उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को नौगाम में हुए आकस्मिक विस्फोट में शहीद हुए जवानों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिवारों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति पत्र सौंपे। यह मुलाकात भावनाओं से भरी हुई थी, जहां उप-राज्यपाल ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति अत्यधिक कृतज्ञता व्यक्त की।

उप-राज्यपाल ने कहा, “इस कठिन समय में पूरा देश शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वे सम्मान, सुरक्षा और सुविधा के साथ जीवन यापन करें।” उनका यह संदेश परिवारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उप-राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश कर आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए पूरा देश पुलिस बल पर गर्व करता है। उन्होंने आतंकवादी गतिविधियों की पहचान, उन्हें बाधित करने और रोकने के लिए किए गए सूक्ष्म जांच और बहु-आयामी प्रयासों की प्रशंसा की।

उन्होंने आगे कहा, “हमें आतंकवादी फंडिंग की श्रृंखला को पूरी तरह बाधित करना होगा। कुछ अलगाववादी तत्वों द्वारा किए जा रहे कट्टरपंथी प्रयासों को प्रभावी ढंग से विफल करना हमारे लिए जरूरी है।” उप-राज्यपाल ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सतत सतर्कता पर जोर दिया।

इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें विशेष पुलिस महानिदेशक (समन्वय) PHQ एस.जे.एम. गिलानी; प्रधान सचिव गृह चंद्राकर भारती; और एडीजीपी CID नितिश कुमार शामिल थे। उप-राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के. भंडारी, कश्मीर संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग, आईजीपी कश्मीर वी.के. बिर्दी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकवाद की चुनौतियों का सामना करते हुए राज्य प्रशासन ने सुरक्षा बलों के प्रयासों का समर्थन किया है। उप-राज्यपाल ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में सभी को एकजुट रहना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

उदाहरण स्वरूप, उन्होंने कहा, “शहीदों का बलिदान हम सभी को याद रहेगा। हम उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें।” यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि सरकार शहीदों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेती है।

Exit mobile version