कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि वह दक्षिण अफ्रीका में हो रहे G20 शिखर सम्मेलन में इसलिए “सुरक्षित और निश्चिंत” होकर भाग ले रहे हैं क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सम्मेलन का बहिष्कार किया है।
प्रधानमंत्री मोदी 21 से 23 नवंबर तक होने वाले G20 और IBSA शिखर सम्मेलनों में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर जोहान्सबर्ग रवाना हुए।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने X पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि ट्रंप की अध्यक्षता वाले अमेरिका में अगले वर्ष होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में भारत-अमेरिका संबंध किस दिशा में जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष अमेरिका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन तक “संभवतः भारत की ट्रेड (या) डील अमेरिका के साथ पूरी हो जाएगी।”
“लेकिन जब बीते सात महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप 61 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोका, तो अगले बारह महीनों में वह यह दावा कितनी बार दोहराएंगे, यह तो सोचिए,” रमेश ने कहा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कुआलालंपुर में आयोजित भारत–आसियान सम्मेलन में इसलिए हिस्सा नहीं लिया क्योंकि उन्हें वहां राष्ट्रपति ट्रंप के आमने-सामने होना पड़ता।
रमेश ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भी आलोचना की, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका के G20 थीम एकजुटता, समानता और स्थिरता को “अमेरिकाविरोधी” बताया है।
उन्होंने याद दिलाया कि यही रुबियो 10 मई की शाम 5:37 बजे “ऑपरेशन सिंदूर” के अचानक रोके जाने की घोषणा करने वाले पहले व्यक्ति थे।
रमेश ने G20 अध्यक्षता के वार्षिक रोटेशन पर भी प्रकाश डाला—भारत ने 2023 में इंडोनेशिया से अध्यक्षता प्राप्त की थी और नवंबर 2024 में ब्राजील को सौंप दी थी। अब दक्षिण अफ्रीका अमेरिका को अध्यक्षता सौंपेगा, जो इस बैठक में मौजूद ही नहीं है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा: “क्या ‘मेरे अच्छे दोस्त’ के साथ हगलोमैसी फिर शुरू होगी, या सिर्फ हैंडशेक होंगे, या फिर मोदी जी बिल्कुल जाएंगे ही नहीं—यह समय बताएगा।”
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
अपने प्रस्थान से पहले पीएम मोदी ने कहा कि वह वसुधैव कुटुंबकम् और वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर के सिद्धांतों के अनुरूप भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन विशेष है क्योंकि यह अफ्रीका में आयोजित हो रहा है, और वह इसके अवसर पर कई विश्व नेताओं से मुलाकात भी करेंगे।
मोदी 6वें IBSA शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे।
इस वर्ष G20 की थीम ‘एकजुटता, समानता और स्थिरता’ है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री तीनों सत्रों में अपना संबोधन देंगे।
G20 विश्व की 85% GDP, 75% अंतरराष्ट्रीय व्यापार, और दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।

