युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री सतीश शर्मा ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मिलकर जम्मू-कश्मीर में खेल अवसंरचना को मजबूत करने की मांग की। इस बैठक में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और एथलेटिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उपायों पर गहन चर्चा हुई।
बैठक के दौरान, शर्मा ने एक विस्तृत ज्ञापन पेश किया। इस ज्ञापन में जम्मू-कश्मीर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई कि जम्मू-कश्मीर को खेल और युवा सशक्तिकरण का सक्रिय केंद्र बनाया जाएगा।
ज्ञापन में राष्ट्रीय खेल नीति 2025 और जम्मू-कश्मीर खेल नीति 2022 के अनुरूप कई प्रमुख प्रस्ताव शामिल थे। इसमें मुख्य रूप से खेल अवसंरचना का विकास, खिलाड़ियों के कल्याण और जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
शर्मा ने केंद्र से अनुरोध किया कि गुलमर्ग में राष्ट्रीय शीतकालीन खेल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जाए। इसके साथ ही, जिला स्टेडियमों का आधुनिकीकरण किया जाए और पंचायत स्तर पर खेल सुविधाओं के निर्माण के लिए सहयोग दिया जाए। इससे ग्रामीण युवाओं को समान अवसर मिलेंगे।
उन्होंने खेलो इंडिया कार्यक्रम के विस्तार एवं खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता योजनाओं में वृद्धि की आवश्यकता बताई। इसके अतिरिक्त, स्पोर्ट्स साइंस और फिजियोथेरेपी को प्रशिक्षण प्रणाली में शामिल करने का सुझाव दिया।
शर्मा ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से खेल परिसरों के बेहतर प्रबंधन की भी मांग की। यह पहल जम्मू-कश्मीर को शीतकालीन और एडवेंचर स्पोर्ट्स के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।
अंतरराष्ट्रीय शीतकालीन खेल आयोजनों के आयोजन का प्रस्ताव रखते हुए, उन्होंने केंद्र से ₹103.82 करोड़ की शीघ्र रिहाई का आग्रह किया। यह राशि खेलो इंडिया के तहत चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए आवश्यक है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने आश्वासन दिया कि ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति जल्द ही तैयार की जाएगी। इसके साथ ही, खेल उपकरणों की आपूर्ति के लिए आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

