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तारिक हमीद कर्रा ने लेह हिंसा की न्यायिक जांच की मांग

तारिक हमीद कर्रा पत्रकारों से बात करते हुए

जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने 24 सितंबर को लेह हिंसा के मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी। कर्रा का सुझाव है कि जांच किसी कार्यरत हाईकोर्ट जज से कराई जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो किसी ईमानदार और निष्पक्ष सेवानिवृत्त जज से जांच करवाई जानी चाहिए।

पत्रकारों से बात करते हुए कर्रा ने कहा, “लेह में जो कुछ भी हुआ, उसे दोहराया नहीं जाना चाहिए, लेकिन जांच बेहद ज़रूरी है। यदि फास्ट ट्रैक पर कोई कार्यरत हाईकोर्ट जज उपलब्ध नहीं है, तो जांच किसी विश्वसनीय सेवानिवृत्त जज को सौंपी जानी चाहिए।”

कर्रा ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सच्चाई का पता लगाना और दोषियों को दंडित करना आवश्यक है। लेह में हुई हिंसा के पीछे के कारणों का स्पष्ट होना समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बिना न्यायिक जांच के इस मामले की संपूर्णता पर सवाल उठेगा।

इससे पहले, कर्रा ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनके नेतृत्व, विचारधारा, और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को याद किया। कर्रा ने बताया कि गांधीवादी दर्शन आज भी पूरी दुनिया को प्रेरित करता है और इसे संयुक्त राष्ट्र में भी सम्मानित किया जाता है।

आगामी राज्यसभा चुनावों पर कर्रा ने कहा कि सीट बंटवारे और गठबंधन संबंधी निर्णय कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को पहले ही पर्यवेक्षक नियुक्त किया जा चुका है, जो चुनावी रणनीति पर ध्यान देंगे।

निर्दलीय विधायक मेहराज मलिक के संदर्भ में कर्रा ने कहा कि उन्हें विधानसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति मिलनी चाहिए। कर्रा ने कहा, “याद कीजिए, जब इंजीनियर राशिद तिहाड़ जेल में थे, तब भी उन्हें संसद में हिस्सेदारी करने की अनुमति मिली थी। उसी तर्ज पर मेहराज मलिक को भी अनुमति मिलनी चाहिए।”

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