पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के द्वारा हिज़्दरपोरा में मृत अलगाववादी नेता सैयद अली शाह जिलानी के घर और उनकी पार्टी तहरीक-ए-हुर्रियत के मुख्यालय को अटैच करने की कार्रवाई की तीखी आलोचना की। यह कार्रवाई चौदह सितंबर 2023 को हुई।
महबूबा मुफ्ती ने इसे “मानवता विरोधी और अमानवीय” करार देते हुए कहा कि जिलानी की 80 वर्षीय विधवा अभी भी उसी घर में रह रही हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि “आज वही कश्मीर अपराधी नजर आता है, लोगों, उनके घरों और कारोबार को भी अपराधी घोषित किया जा रहा है।”
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से अलगाव बढ़ता है और भविष्य में सामंजস্য की संभावनाएँ समाप्त होती हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह आम जनहित को नजरअंदाज कर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण फैला रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि तहरीक-ए-हुर्रियत का मुख्यालय अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत अटैच किया गया है। यह तीन मंजिला भवन हिज़्दरपोरा का एक कनाल एक मरला भूमि पर स्थित है, जिसे पहले जिलानी द्वारा संचालित किया जाता था।
महबूबा मुफ्ती का यह बयान उस समय आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में बदलाव आ रहा है। अधिकारियों ने पिछले कुछ सालों में आतंकवाद के मामलों में कमी का दावा किया है, लेकिन स्थानीय नेता इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं। सम्बंधित सूत्रों का मानना है कि इस प्रकार के कदम समाज में और अधिक अलगाव पैदा कर सकते हैं।
महबूबा मुफ्ती के बयान पर प्रतिक्रिया करते हुए, कई राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि इस समय यह महत्वपूर्ण है कि सरकार और स्थानीय नेता मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करें जहाँ संवाद हो सके। ऐसी गतिविधियाँ केवल चुनौतियाँ बढ़ाती हैं और कश्मीर के समग्र विकास को प्रभावित करती हैं।
कश्मीरी पृष्ठभूमि में, कश्मीर की स्थिति और भी जटिल है। क्षेत्र में कई सालों से सक्रिय अलगाववादी समूहों की मौजूदगी ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया है। मुफ्ती ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया कि केवल सख्त नीतियों से वास्तविक समाधान नहीं निकलता है, बल्कि संवाद और सहिष्णुता की आवश्यकता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार जैसे मुद्दों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमारे लोग इन मुद्दों पर ध्यान देने की उम्मीद करते हैं, ना कि ऐसे कदमों की जिनसे केवल तनाव बढ़ता है।” उन्होंने कहा कि मानवता का ध्यान रखने की आवश्यकता है और यह समय है कि हम एक दूसरे के साथ मिलकर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें।

